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I LIKE TO GIVE IN TO MY CHILDISH TEMPTATIONS LIKE EATING A CHOCOLATE- AUTHOR VIRAG DHULIA

My Journey till date as an Author:

I have authored 3 books in total so far. 2 of them are non-fiction and deal with the social issues and biases faced by men, titled as “The Secrets of Manhood” – Vol 1 and 2. My third book is a fiction novel titled “Chess Without a Queen”. It’s a political thriller based in Uttar Pradesh and talks about various contemporary issues in Indian politics and the role played by media, the law & order, the bureaucracy, and the common citizen along with the politicians in our everyday lives and politics.

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Gangs of Wasseypur: Story of Shahid Khan

गैंग्स ऑफ़ वास्सेय्पुर का आज का सीन फिल्म के काफी शुरुआत का है, इस सीन में सरदार खान के अब्बू शाहिद खान की कहानी को दर्शाया गया है|
 
फिल्म का प्रसंग भारतीय स्वतंत्रता के पहले का है, तब कुरैशी अंग्रेज़ों की ट्रैन लूट कर काम चलाया करते थे और शाहिद खान उनसे लुटता था, पर अंततः उसको कुरैशियों के डर से और अपने होने वाले बच्चे की खातिर अपना घर छोड़ कर धनबाद में खदान मज़दूर बनना पड़ता है |

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Gangs of Wasseypur: Faizal Khan trapped

गैंग्स ऑफ़ वास्सेय्पुर के आज का सीन थोड़ा लम्बा है और इसमें २ किस्से समानांतर चल रहे हैं|
 
एक तरफ रामाधीर ने अपना मोहरा, शमशाद आलम छोड़ा हुआ है जो फैज़ल को धंदे में चोट देने पर अमादा है तो वहीँ दूसरी तरफ सुल्तान धीरे धीरे अपना पंजा कस रहा है, फैज़ल के छोटे सौतेले भाई परपेंडिकुलर पर |

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Gangs of Wasseypur: Ramadheer gets candid with his son

आज हम गैंग्स ऑफ़ वास्सेय्पुर के एक बहुत ही महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक सीन की समीक्षा करेंगे|
 
“चिराग तले अँधेरा” वाली कहावत का जिवंत उदाहरण है यह सीन |

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Gangs of Wasseypur: Sultan Killed

गैंग्स ऑफ़ वास्सेय्पुर की श्रृंखला में आज हम बात करते हैं उस सीन की जहाँ सुल्तान को मारा जाता है|

स सीन की सबसे मज़ेदार बात यह है कि इसमें जिस सुंदरता से निर्देशक ने हास्य रस और वीर रस को संजोया है वह अपने आप में अद्भुत और अद्वितीय है |

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Gangs of Wasseypur: Ramadheer Singh talks about Cinema

श्रृंखला को जारी रखते हुए आज हम गैंग्स ऑफ़ वास्सेय्पुर के उस सीन की बात करेंगे जहाँ शमशाद आलम डेफिनिट द्वारा किये गए हमले से बच जाता है क्योंकि हमले के समय डेफिनिट की पिस्तौल अटक जाती है, और जब शमशाद उसके पीछे भागता है तो डेफिनिट भी बच निकलता है

इस एक सीन में निर्देशक ने यह स्थापित कर दिया है कि रामाधीर सिंह कितना शातिर है|

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Gangs of Wasseypur: Sultan Meets Ramadheer Singh

आज से posts की एक नयी श्रंखला शुरू कर रहे हैं| हिंदी सिनेमा के एक बहुमूल्य हीरे – गैंग्स ऑफ़ वास्सेय्पुर के छोटे छोटे टुकड़ों की समीक्षा

यदि समीक्षा अच्छी लगे तो कमेंट ज़रूर करें तथा पोस्ट को भी साझा करें, आभार रहेगा|

तो आइये आज बात करते हैं उस सीन की जहाँ रामाधीर सिंह को मुसलमानों से हाथ मिलाने की ज़रूरत महसूस होती है और वह सुल्तान को बुलाता है बैठक में और खाने पर|

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Goodbye – The Story of Satyan…| Short Film on Suicide Prevention | NIMHANS

  • VIAdmin 

[youtube https://www.youtube.com/watch?v=r2QDQUral5E]

This short film is an attempt to create awareness about suicides by young men in India. It shows us, what happens when society does not listen to them. It is the story of Satyan who is cornered from all sides and lives a hopeless life.

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